सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम

Soil Health Card Scheme in Hindi: मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना क्या है | सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम

मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना (सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम) जहाँ एक ओर किसानों के लिये वरदान साबित हो रही है, वहीं दुसरी ओर ग्रामीण युवाओं के लिये यह रोज़गार का माध्यम भी बनी है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के तहत उर्वरकों की फसलवार सिफारिशें मुहैया कराई जाती हैं और इसके साथ किसानों को यह भी बताया जाता है कि कृषि‍ भूमि की उपजाऊ क्षमता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है। इससे किसानों को अपनी भूमि की सेहत जानने तथा उर्वरकों के चयन में मदद मिलती है।

मृदा यानि कृषि भूमि की सेहत और खाद के बारे में पर्याप्त जानकारी न होने के चलते किसान आमतौर पर नाइट्रोजन का अत्यधिक इस्तेमाल करते हैं, जो न सिर्फ कृषि उत्पादों की गुणवत्ता के लिये खतरनाक है बल्कि इसके प्रयोग से भूमिगत जल में नाइट्रेट की मात्रा भी बढ़ जाती है। जिससे पर्यावरणीय समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम के माध्यम से इन समस्याओं से बचा जा सकता है।

Sarkari Yojana – Indian govt. Schemes

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना/ सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम की विशेषताएँ

Table of Contents

  • मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना का प्रमुख उद्देश्य देश के किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किये जाने में राज्यों का सहयोग करना है।
  • सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम की थीम – स्वस्थ धरा, खेत हरा है।
  • Soil Health Card Scheme (योजना) के तहत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी आयु 40 वर्ष तक है, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना एवं नमूना परीक्षण कर सकते हैं।
  • इसके तहत प्रयोगशाला स्थापित करने में 5 लाख रूपए तक का खर्च आता हैं, जिसका 75 प्रतिशत केंद्र एवं राज्य सरकार वहन करती है। स्वयं सहायता समूह, कृषक सहकारी समितियाँ, कृषक समूह या कृषक उत्पादक संगठनों के लिये भी यहीं प्रावधान है।
  • सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के अन्तर्गत मृदा की स्थिति का आकलन नियमित रूप से राज्य सरकारों द्वारा हर दो वर्ष में किया जाता है, ताकि पोषक तत्त्वों की कमी की पहचान कर साथ में सुधार लागू हो सकें।

केंद्र सरकार की योजनाएँ – Central govt. Schemes

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम का उद्देश्य – Soil Health Card Scheme Objectives

  • देश के सभी किसानों को प्रत्येक 3 वर्ष में मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करना, ताकि उर्वरकों के इस्तेमाल में पोषक तत्त्वों की कमियों को दूर करने का आधार प्राप्त हो सके।
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद/राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के संपर्क में क्षमता निर्माण, कृषि विज्ञान के छात्रों को शामिल करके मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के क्रियान्वन को मजबूत बनाना।
  • सभी राज्यों में मृदा के नमूनों को एकीकृत करने के लिये मानकीकृत प्रक्रियाओं के सहित मृदा उर्वरता संबंधी बाधाओं का पता लगाना और विश्लेषण करना तथा विभिन्न ज़िलों में तहसील/उपखंड स्तरीय उर्वरक संबंधी सुझाव तैयार करना।
  • पोषक तत्त्वों का प्रभावकारी इस्तेमाल बढ़ाने के लिये विभिन्न ज़िलों में पोषण प्रबंधन पर आधारित मृदा परीक्षण सुविधा विकसित करना तथा उन्हें बढ़ावा देना।
  • इसके माध्यम से पोषक प्रबंधन परंपराओं को बढ़ावा देने के लिये ज़िला और राज्यस्तरीय कर्मचारियों के साथ-साथ प्रगतिशील किसानों का क्षमता निर्माण करना।

यह भी देखे

मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना या मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना के तहत लैब कौन खोल सकता है?

  • सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम के तहत देश के पढ़े लिखे ग्रामीण युवाओं को सरकार द्वारा मृदा स्‍वास्‍थ्‍य प्रबंधन प्रयोगशाला खोलने का अवसर प्रदान किया जाता है।
  • मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना के अन्तर्गत लैब खोलने के लिये सरकार की ओर से 3.75 लाख रूपये की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। लैब खोल लेने के बाद युवाओं को मिटटी के नमूना लेकर आने वाले किसानों की मिटटी की जांच करनी होती है।

प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य कार्ड परीक्षण प्रयोगशाला खोलने के लिये आवश्यक पात्रता

  • बेरोजगार लड़के लड़कियों का संबंध किसान परिवार से होना आवश्‍यक है।
  • ग्रामीण बेरोजगार युवा पात्रता संबंधी नियमों पर पूरी से तरह खरे उतरते है।
  • सोयल हेल्थ कार्ड स्कीम (MSPY) में 18 से 40 वर्ष की आयुवर्ग के युवा पात्र मानें जाते हैं।

प्रधानमंत्री सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम की मुख्‍य विशेषतायें (Soil Health Card Scheme Importance)

  • मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना (MSPY) के तहत किसानों को पीएम स्वास्थ्य कार्ड बना कर दिये जाएंगें। जो 2 साल के लिये मान्य होगा।
  • मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना देश के सभी राज्‍यों में लागू है, और देश के सभी किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
  • MSPY योजना के अन्तर्गत मिटटी की जांच करने के बाद किसानों को इस बात की जानकारी दी जाएगी कि उनके खेत में कौन कौन से पोषक तत्‍वों तथा उर्वरकों की कमी है तथा उन्‍हें किस मात्रा में यूरिया/नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्‍व अपने खेतों में डालने हैं।
  • MSPY योजना के शुरु होने के बाद से किसानों की उपज बढ़ी है तथा ग्रामीण स्‍तर पर नये रोजगार का सृजन भी हुआ है।

मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना के तहत परिक्षण प्रयोगशाला खोलने के लिये जरूरी दस्‍तावेज

  • आधार कार्ड
  • कृषि विज्ञान से पास की मार्कशीट
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • कृषि भूमि की जमाबन्दी की कॉपी
  • मोबाइल नंबर
  • 2 पासपोर्ट साइज फोटो

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के लिये आवेदन कैसे करें? (Mrida Swasthaya Prababdhan Yojana ke Liye Aavedan kaise Kre?)

मृदा स्वास्थ्य कार्ड कैसे बनवाएं? / सॉइल हेल्थ कार्ड कैसे बनाये

  • मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना के अन्तर्गत यदि आप मृदा परिक्षण लैब खोलना चाहते हैं, तो इसके लिये आप जिले के कृषि उपनिदेशक अथवा संयुक्‍त निदेशक कृषि से उनके कार्यालय में जाकर संपर्क करना होगा।
  • कृषि विभाग के अधिकारियों के द्वारा ही आपको मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना (MSPY) के अन्तर्गत मृदा परिक्षण प्रयोगशाला खोलने के लिये निर्धारित फॉर्म उपलब्‍ध कराया जाएगा। जिसे भर कर तथा उसके साथ सभी जरूरी दस्‍तावेजों को लगाने के बाद आप अपने आवेदन पत्र को जिले के कृषि विभाग में जमा कर सकते हैं।

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम के अन्तर्गत परिक्षण प्रयोगशाला खोलने में कितना खर्च आता है?

अगर आप अपने गांव में मृदा परीक्षण के लिये मृदा परिक्षण प्रयोगशाला खोलना चाहते हैं, तो इस प्रयोगशाला को खोलने का कुल खर्च करीब 5 लाख रूपये के लगभग आता है। इसमें से केंद्र का कृषि विभाग आपको 3.75 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान करता है। बाकी को राशि आपको अपने पास से खर्च करनी पड़ती है।

मृदा परिक्षण प्रयोगशाला कैसे खोलें?

ग्राम स्‍तर पर मृदा परिक्षण प्रयोगशाला खोलने के लिये जरूरी है कि आपके पास पहले से स्‍वयं की अथवा किराये पर पक्‍की दुकान हो। इसके अलावा यदि आप मोबाइल मृदा परिक्षण वैन के रूप में अपनी प्रयोगशाला खोलना चाहते हैं तो आपके पास एक वैन का होना बहुत जरुरी है। वैन तथा दुकान का प्रबन्ध हो जाने के बाद ही आप मृदा परिक्षण प्रयोगशाला खोलने के लिये आवेदन कर सकते हैं।

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड प्रिंट कैसे करे [सॉइल हेल्थ कार्ड ऑनलाइन प्रिंट]

  • अगर आपने अपने मिटटी की जांच कराई है, तो आप अपने खेत की मिटटी का मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रिंट कर सकते हैं।
  • इसके लिये आपको सबसे पहले soilhealth.dac.gov.in की ऑफिशिअल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • यहां आप कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्‍याण वेबसाइट के होम पेज पर पहुंच जाएंगें।
soil health card scheme
  • यहां पर आपको दायीं तरफ नीचे की ओर ‘अपनी मिटटी के स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड प्रिंट करें’ का एक विकल्‍प दिखाई देगा। आपको इस पर क्लिक करना है।
print your soil health card
  • लिंक पर क्लिक करते ही अगला Page खुलेगा।
सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम
  • इसमें अब सबसे पहले आप अपने राज्‍य का चयन करें। फिर जिला चुनें, तहसील चुनें ,किसान का नाम डालें, ग्राम ग्रिड नंबर भरें, और फिर नमूना नंबर डालें बाद में सर्च बटन पर क्लिक करें।
मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड प्रिंट कैसे करे
  • आपके द्वारा इतना करते ही आपकी मिटटी से संबंधित मृदा स्वास्थ्य कार्ड पेज पर आ जाता है। अब आप कार्ड का प्रिंट आउट निकाल सकते हैं।

सॉइल हेल्थ कार्ड हेल्पलाइन नंबर: Soil Health Card Scheme Toll-Free Number

1800 180 1551 (किसान कॉल सेंटर)

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